Pattern 1: कथन और कारण (Assertion and Reason)
प्रश्व 1.
कथन (A): बीकानेर चित्रशैली में 'उस्ता कला' का विकास मुगल दरबार के उस्ता कलाकारों के प्रभाव से हुआ।
कारण (R): महाराजा अनूपसिंह के समय उस्ता परिवार ने हिन्दू कथाओं, संस्कृत और राजस्थानी काव्यों को आधार बनाकर चित्र बनाए।
(a) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
(b) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(c) A सही है लेकिन R गलत है।
(d) A गलत है लेकिन R सही है।
उत्तर: (a)
प्रश्व 2.
कथन (A): किशनगढ़ शैली की 'बणी-ठणी' को भारत की 'मोनालिसा' कहा जाता है।
कारण (R): इस शैली का स्वर्णयुग राजा सावंतसिंह (नागरीदास) का काल माना जाता है।
(a) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
(b) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(c) A सही है लेकिन R गलत है।
(d) A गलत है लेकिन R सही है।
उत्तर: (b) (Dono sahi hain, par 'Monalisa' kehne ka karan unki kala ki visheshata hai, na ki sirf raja ka kal).
Pattern 2: बहु-विकल्पीय कथन (Multiple Statements)
प्रश्व 3. मेवाड़ चित्रशैली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
* मेवाड़ शैली का सबसे प्राचीन चित्रित ग्रंथ 'श्रावकप्रतिक्रमणसूत्रचूर्णि' (1260 ई.) है।
* महाराणा जगतसिंह प्रथम का काल मेवाड़ की लघु चित्रशैली का स्वर्णकाल कहलाता है।
* 'चितेरों की ओवरी' नामक चित्रशाला की स्थापना महाराणा कुंभा ने की थी।
* इस शैली में लाल, पीले, हरे और नीले रंगों की प्रधानता है।
कूट:
(a) केवल 1 और 2 सही हैं।
(b) केवल 1, 2 और 4 सही हैं।
(c) केवल 2, 3 और 4 सही हैं।
(d) सभी कथन सही हैं।
उत्तर: (b) (Kyunki 'Chitero ki Ovri' ki sthapna Maharana Jagatsingh I ne ki thi, Kumbha ne nahi).
प्रश्व 4. शेखावाटी के भित्ति चित्रों के बारे में कौन-से विकल्प सही हैं?
* शेखावाटी को 'ओपन आर्ट गैलरी' के नाम से जाना जाता है।
* यहाँ के चित्रों में कत्थई, नीले और गुलाबी रंग की प्रधानता है।
* इन चित्रों का संरक्षण फ्रांस के नादीन ला प्रिंस ने किया है।
* यह शैली मुगल कला से पूर्णतः अप्रभावित रही है।
कूट:
(a) 1, 2 और 3
(b) 2, 3 और 4
(c) 1 और 3
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर: (a) (Kyunki Jaipur shaili ka prabhav Shekhawati par pada tha).
Pattern 3: कालक्रमानुसार (Chronology/Order)
प्रश्व 5. राजस्थानी चित्रकला के विकास से जुड़ी निम्नलिखित घटनाओं को उनके कालक्रमानुसार (पुरानी से नयी) व्यवस्थित कीजिए:
* आनंद कुमार स्वामी द्वारा 'राजपूत पेंटिंग्स' का प्रकाशन। (1916 ई.)
* ओघ नियुक्ति वृत्ति एवं दस वैकालिका सूत्र चूर्णि का चित्रण। (1060 ई.)
* जयपुर में 'महाराजा स्कूल आर्ट्स एण्ड क्राफ्ट्स' की स्थापना। (1857 ई.)
* मेवाड़ शैली में 'निसारदीन' द्वारा रागमाला का चित्रण। (1605 ई.)
कूट:
(a) 2, 4, 3, 1
(b) 2, 3, 4, 1
(c) 4, 2, 1, 3
(d) 1, 2, 3, 4
उत्तर: (a)
Pattern 4: सुमेलित कीजिए (Matching)
प्रश्व 6. चित्रशैली और उनके प्रमुख कलाकारों को सुमेलित कीजिए:
| सूची-I (शैली) | सूची-II (कलाकार) |
| :--- | :--- |
| A. नाथद्वारा शैली | 1. डालचन्द, अमरदास भाटी |
| B. देवगढ़ शैली | 2. साहिबराम, लालचन्द |
| C. मारवाड़ शैली | 3. बाबा रामचन्द्र, कमला-इलायची |
| D. जयपुर शैली | 4. बगता, कँवला, चोखा |
कूट:
(a) A-3, B-4, C-1, D-2
(b) A-1, B-2, C-3, D-4
(c) A-4, B-3, C-2, D-1
(d) A-2, B-1, C-4, D-3
उत्तर: (a)
Pattern 5: लोककला विशेष (One-liners/Facts)
प्रश्व 7. 'फड़' (Phad) चित्रकला के संदर्भ में गलत कथन चुनिए:
(a) इसका मुख्य केंद्र भीलवाड़ा का शाहपुरा कस्बा है।
(b) श्रीलाल जोशी इस शैली के प्रमुख चित्रकार हैं।
(c) फड़ बांचने वाले भोपे 'जन्तर' या 'रावण हत्था' वाद्य यंत्र का प्रयोग करते हैं।
(d) फड़ के चित्रण में केवल काले और सफेद रंगों का ही प्रयोग होता है।
उत्तर: (d) (Kyunki isme 5 ya 7 rangon ka prayog hota hai, jaise geru, neel, hortal adi).
राजस्थान की चित्रकला कक्षा 10th MCQ
Q1. कथन और कारण (Assertion-Reason)
कथन (A): राजस्थानी चित्रकला का सबसे पहला वैज्ञानिक विभाजन आनंद कुमार स्वामी ने किया।
कारण (R): उन्होंने 1916 ई. में अपनी पुस्तक 'राजपूत पेंटिंग्स' में इसे प्रस्तुत किया।
(a) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
(b) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(c) A सही है लेकिन R गलत है।
(d) A गलत है लेकिन R सही है।
उत्तर: (a)
Q2. बहु-विकल्पीय (Multiple Statements) - मेवाड़ शैली
मेवाड़ चित्रशैली के बारे में कौन-से कथन सत्य हैं?
* 1260 ई. का 'श्रावकप्रतिक्रमणसूत्रचूर्णि' महाराणा तेजसिंह के काल में चित्रित हुआ।
* महाराणा कुंभा का काल कलाओं के उत्थान की दृष्टि से 'स्वर्णिम युग' माना जाता है।
* 'निसारदीन' ने 1605 ई. में चावण्ड में 'रागमाला' का चित्रण किया।
* महाराणा जगतसिंह प्रथम ने 'तस्वीरां रो कारखानो' नाम से कला विद्यालय स्थापित किया।
कूट:
(a) 1, 2 और 3
(b) 2, 3 और 4
(c) 1, 3 और 4
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर: (d)
Q3. कालक्रमानुसार (Chronology) व्यवस्थित करें:
(i) 'रागमाला' का चित्रण (निसारदीन द्वारा) - 1605 ई.
(ii) 'सुपासनाह चरियम' का चित्रण (देवाड़ा में) - 1423 ई.
(iii) 'श्रावकप्रतिक्रमणसूत्रचूर्णि' का चित्रण - 1260 ई.
(iv) 'ढोलामारू' का चित्रण (प्रताप के समय) - 1592 ई.
कूट:
(a) iii - ii - iv - i
(b) iii - i - ii - iv
(c) i - ii - iii - iv
(d) iv - iii - ii - i
उत्तर: (a)
Q4. नाथद्वारा शैली (Assertion-Reason)
कथन (A): नाथद्वारा शैली उदयपुर शैली एवं ब्रजशैली का समन्वित रूप है।
कारण (R): श्रीनाथजी के स्वरूप के पीछे सज्जा के लिए बड़े आकार के कपड़े के पर्दे पर बनाए गए चित्र 'पिछवाई' कहलाते हैं।
(a) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
(b) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(c) A सही है लेकिन R गलत है।
(d) A गलत है लेकिन R सही hai.
उत्तर: (b)
Q5. मिलान करें (Matching) - प्रमुख चित्रकार
| सूची-I (शैली) | सूची-II (कलाकार) |
| :--- | :--- |
| A. उदयपुर शैली | 1. बाबा रामचंद्र, नारायण |
| B. नाथद्वारा शैली | 2. साहिबदीन, मनोहर |
| C. देवगढ़ शैली | 3. कमला, इलायची |
| D. देवगढ़ (ठिकाना) | 4. बगता, चोखा |
कूट:
(a) A-2, B-3, C-4, D-1
(b) A-1, B-2, C-3, D-4
(c) A-4, B-3, C-2, D-1
(d) A-3, B-4, C-1, D-2
उत्तर: (a)
Q6. मेवाड़ शैली की विशेषताओं पर विचार करें:
* पुरुषों की आकृति गठीली, मूँछों से युक्त भरे चेहरे और विशाल नयन।
* स्त्रियों के चित्रण में मीनाकृत आँखें, सीधी लंबी नाक और ठिगना कद।
* प्रकृति का संतुलित चित्रण और लाल, पीले रंगों की प्रधानता।
(a) केवल 1
(b) केवल 1 और 2
(c) 1, 2 और 3 सभी
(d) केवल 3
उत्तर: (c)
Q7. देवगढ़ शैली (Assertion-Reason)
कथन (A): देवगढ़ शैली को सर्वप्रथम डॉ. श्रीधर अंधारे ने प्रकाश में लाया।
कारण (R): यह शैली मारवाड़, जयपुर और मेवाड़ शैली का मिश्रण है।
(a) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
(b) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(c) A सही है लेकिन R गलत है।
(d) A गलत है लेकिन R सही है।
उत्तर: (b)
Q8. प्राचीन ग्रंथों का स्थान:
'ओघ नियुक्ति वृत्ति' एवं 'दस वैकालिका सूत्र चूर्णि' (1060 ई.) कहाँ के भंडार में मिले हैं?
(a) उदयपुर
(b) जोधपुर
(c) जैसलमेर
(d) बीकानेर
उत्तर: (c)
Q9. वैज्ञानिक नामकरण:
किस विद्वान ने 'राजपूत कला' और 'राजस्थानी चित्रकला' जैसे मतों का खंडन कर इसे शुद्ध रूप से 'राजस्थानी चित्रकला' नाम दिया?
(a) आनंद कुमार स्वामी
(b) रायकृष्णदास
(c) ओ.सी. गांगुली
(d) डब्ल्यू. एच. ब्राउन
उत्तर: (b)
Q10. रंजनामा (महाभारत का फारसी अनुवाद) का चित्रण जयपुर के किस स्थान पर हुआ?
(a) आमेर महल
(b) सूरतखाना
(c) पोथीखाना
(d) सिटी पैलेस
उत्तर: (b)
Q11. मारवाड़ शैली के उद्भव के संदर्भ में सत्य कथन चुनिए:
* तिब्बती इतिहासकार लामा तारानाथ ने 7वीं सदी में मारू देश के चित्रकार 'शृंगधर' का उल्लेख किया है।
* मारवाड़ शैली के प्रारंभिक अवशेष प्रतिहारकालीन 'ओघ नियुक्ति वृत्ति' में मिलते हैं।
* जोधपुर शैली का स्वतंत्र रूप मालदेव के समय 'चौखेलाव महल' के चित्रों में दिखाई देता है।
* 1623 ई. में वीरजी द्वारा पाली के विट्ठलदास चंपावत के लिए 'रागमाला' चित्रित की गई।
कूट:
(a) 1, 2 और 3
(b) 2, 3 और 4
(c) 1, 3 और 4
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर: (d)
Q12. कथन और कारण (Assertion-Reason)
कथन (A): महाराजा मानसिंह (1803-1843 ई.) के समय जोधपुर शैली चरमोत्कर्ष पर पहुँची।
कारण (R): उन्होंने नाथ संप्रदाय से संबंधित असंख्य चित्र बनवाए और दाना भाटी जैसे चित्रकारों को संरक्षण दिया।
(a) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
(b) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(c) A सही है लेकिन R गलत है।
(d) A गलत है लेकिन R सही है।
उत्तर: (a)
Q13. मारवाड़ (जोधपुर) शैली की विशेषताओं पर विचार कीजिए:
* बादाम सी आँखें और ऊँची पाग (पगड़ी) इस शैली की अपनी निजी देन है।
* चित्रों में खंजन पक्षी को बखूबी दर्शाया गया है।
* लाल और पीले रंग का बाहुल्य इस शैली की विशेषता है।
(a) केवल 1
(b) केवल 1 और 2
(c) केवल 2 और 3
(d) 1, 2 और 3 सभी
उत्तर: (d)
Q14. बीकानेर शैली के प्रारंभिक विकास के बारे में कौन-सा मिलान सही है?
(a) रायसिंह के समय चित्रित ग्रंथ - भागवत पुराण
(b) उस्ता परिवार के प्रमुख कलाकार - अली रजा एवं हामिद रुकनुद्दीन
(c) 'मथेरण परिवार' का प्रभाव - जैन मिश्रित राजस्थानी शैली
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर: (d)
Q15. कालक्रमानुसार (Chronology) व्यवस्थित करें (बीकानेर शैली):
(i) महाराजा अनूपसिंह का काल (शैली का स्वर्णकाल)
(ii) रायसिंह के समय भागवत पुराण का चित्रण (16वीं सदी अंत)
(iii) 18वीं सदी में ठेट राजस्थानी शैली में चित्रों की रंगत
कूट:
(a) ii - i - iii
(b) i - ii - iii
(c) iii - ii - i
(d) ii - iii - i
उत्तर: (a)
Q16. कथन और कारण (Assertion-Reason)
कथन (A): बीकानेर शैली में 'उस्ता कला' का विकास हुआ जिसमें ऊँट की खाल पर सोने का चित्रण किया जाता है।
कारण (R): बीकानेर शैली पर दक्षिण शैली का प्रभाव भी दिखाई देता है।
(a) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
(b) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(c) A सही है लेकिन R गलत है।
(d) A गलत है लेकिन R सही है।
उत्तर: (b) (Dono baatein sahi hain, par Dakshin shaili ka prabhav 'Fubbaron aur Darbar' ke drishyon mein dikhta hai, Usta kala Mughal prabhav hai).
Q17. किशनगढ़ शैली (स्वर्णयुग):
राजा सावंतसिंह (नागरीदास) के समय किशनगढ़ शैली को सर्वोच्च स्थान पर पहुँचाने वाले चित्रकार कौन थे?
(a) निहालचन्द (मोरध्वज)
(b) डालचन्द
(c) साहिबराम
(d) निसारदीन
उत्तर: (a)
Q18. बहु-विकल्पीय (Multiple Statements) - किशनगढ़ शैली
* एरिक डिकिन्सन ने बणी-ठणी को भारत की 'मोनालिसा' कहा है।
* भारत सरकार ने 1973 ई. में बणी-ठणी पर डाक टिकट जारी किया।
* पुरुषों में लंबा इकहरा नील छवियुक्त शरीर और नारी आकृति में लंबी सुराहीदार गर्दन इसकी विशेषता है।
(a) केवल 1
(b) केवल 1 और 2
(c) 1, 2 और 3 सभी
(d) केवल 3
उत्तर: (c)
Q19. अजमेर शैली की विशेषता:
अजमेर शैली में जूनियाँ के चाँद द्वारा चित्रित 'राजा पाबूजी' का चित्र (1698 ई.) किस विशेषता को दर्शाता है?
(a) केवल हिन्दू धर्म का प्रभाव
(b) हिन्दू, मुस्लिम और ईसाई धर्म को समान प्रश्रय
(c) केवल सामंती संस्कृति
(d) यूरोपीय कला का अंधानुकरण
उत्तर: (b)
Q20. जैसलमेर शैली के बारे में असत्य कथन चुनिए:
(a) इसका विकास महारावल हरराज, अखैसिंह और मूलराज के संरक्षण में हुआ।
(b) 'मूमल' जैसलमेर शैली का प्रमुख चित्र है।
(c) जैसलमेर शैली पर मुगल या जोधपुर शैली का बहुत अधिक प्रभाव रहा है।
(d) यह एकदम स्थानीय शैली है।
उत्तर: (c) (Kyunki matter ke anusar, is par Mughal ya Jodhpur shaili ka prabhav nahi hai).
Q21. बूंदी शैली के विकास के संदर्भ में विचार कीजिए:
* बूंदी शैली मेवाड़ चित्रकला से प्रभावित थी।
* राव उम्मेदसिंह के शासनकाल में 'चित्रशाला' का निर्माण हुआ जिसे "भित्ति चित्रों का स्वर्ग" कहा जाता है।
* इस शैली में आकाश में उमड़ते काले कजरारे मेघ, बिजली की कौंध और हरे-भरे वृक्षों का सुंदर चित्रण है।
* पशु-पक्षी चित्रण को बूंदी शैली में विशेष महत्व दिया गया है।
कूट:
(a) 1, 2 और 3
(b) 2, 3 और 4
(c) 1, 3 और 4
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर: (d)
Q22. कथन और कारण (Assertion-Reason)
कथन (A): कोटा शैली में नारियों एवं रानियों को भी शिकार करते हुए दिखाया गया है।
कारण (R): घने जंगलों में शिकार की बहुलता के कारण कोटा शैली में शिकार का बहुरंगी वैविध्यपूर्ण चित्रण हुआ है।
(a) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
(b) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(c) A सही है लेकिन R गलत है।
(d) A गलत है लेकिन R सही hai.
उत्तर: (a)
Q23. आमिर शैली के प्रारंभिक काल के चित्रित ग्रंथों का सही समूह है:
(a) यशोधरा चरित्र (1591 ई.) एवं रज़्मनामा (1588 ई.)
(b) रागमाला एवं मुमल
(c) उत्तराध्ययन सूत्र एवं ढोलामारू
(d) भागवत पुराण एवं गीतगोविन्द
उत्तर: (a)
Q24. जयपुर शैली के 'सूरतखाने' के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य है?
* सवाई जयसिंह ने 'छत्तीस कारखानों' की स्थापना की, जिनमें 'सूरतखाना' भी एक था।
* यहाँ चित्रकार चित्रों का निर्माण करते थे।
* सवाई ईश्वरीसिंह के समय 'साहिबराम' ने आदमकद पोर्ट्रेट (बड़े व्यक्ति चित्र) बनाए।
(a) केवल 1
(b) 1 और 2
(c) 1, 2 और 3 सभी
(d) केवल 3
उत्तर: (c)
Q25. कालक्रमानुसार (Chronology) व्यवस्थित करें (जयपुर/ढूँढाड़):
(i) महाराजा सवाई प्रतापसिंह के समय रागरागिनी एवं नायिका भेद का प्रधान चित्रण।
(ii) महाराजा सवाई रामसिंह द्वारा 'महाराजा स्कूल आर्ट्स एण्ड क्राफ्ट्स' की स्थापना (1857 ई.)।
(iii) मिर्जा राजा जयसिंह द्वारा 1639 ई. में गणेश पोल का निर्माण व भित्ति चित्रण।
(iv) आमेर में यशोधरा चरित्र का चित्रण (1591 ई.)।
कूट:
(a) iv - iii - i - ii
(b) i - ii - iii - iv
(c) iv - i - iii - ii
(d) ii - iii - iv - i
उत्तर: (a)
Q26. जयपुर शैली की "आलागीला" पद्धति के बारे में विचार करें:
* इसे 'आरायश' या 'मोराकसी' भी कहा जाता है।
* इसमें चूने के तैयार पलस्तर को घोटकर चिकना कर चित्रण किया जाता है।
* इस पद्धति का सर्वप्रथम प्रारंभ आमेर में हुआ।
(a) केवल 1
(b) केवल 1 और 2
(c) 1, 2 और 3 सभी
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर: (c)
Q27. अलवर शैली के बारे में 'असंगत' (गलत) युग्म पहचानिए:
(a) वेश्याओं का चित्रण - अलवर शैली की निजी विशेषता
(b) हाथी दाँत के फलकों पर चित्रण - मूलचंद एवं उदयराम
(c) 'नफीरी वादन' का चित्र - महाराजा मंगलसिंह के शासनकाल
(d) गुलिस्तां का सुलेखन - बलवंत सिंह के समय
उत्तर: (d) (Kyunki 'Gulistan' ka karya Vinay Singh ke samay hua tha, na ki Balwant Singh ke).
Q28. उनियारा शैली किन दो शैलियों का समन्वित रूप है?
(a) मेवाड़ और मारवाड़
(b) बूंदी और जयपुर
(c) कोटा और जैसलमेर
(d) अलवर और अजमेर
उत्तर: (b)
Q29. कथन और कारण (Assertion-Reason)
कथन (A): शेखावाटी को 'ओपन आर्ट गैलरी' कहा जाता है।
कारण (R): यहाँ की विशाल हवेलियों की बाह्य एवं आंतरिक दीवारों पर कथ्यात्मक भित्ति चित्रों का अनूठा अंकन है।
(a) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
(b) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं hai.
(c) A सही है लेकिन R गलत है।
(d) A गलत है लेकिन R सही hai.
उत्तर: (a)
Q30. कोटा शैली के प्रमुख चित्रकारों का सही समूह है:
(a) साहिबराम, लालचन्द
(b) डालू, लक्षीराम, रघुनाथ, गोविन्दराम
(c) सुरजन, अहमद अली
(d) निहालचन्द, बदनसिंह
उत्तर: (b)
Q31. 'सांझी' लोककला के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
* सांझी दशहरे से पूर्व श्राद्ध-पक्ष (15 दिन) में बनाई जाती है।
* इसमें कुंवारी कन्याएं सफेद पुती दीवारों पर गोबर से आकृतियाँ उकेरती हैं।
* सांझी को माता पार्वती का रूप मानकर अच्छे वर और घर की कामना के लिए पूजा जाता है।
* पहले दिन से दसवें दिन तक एक या दो प्रतीक बनाए जाते हैं, लेकिन अंतिम पाँच दिन बहुत बड़े आकार की 'सांझीकोट' बनाई जाती है।
कूट:
(a) 1, 2 और 3
(b) 2, 3 और 4
(c) 1, 3 और 4
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर: (d)
Q32. मांडणा (Mandana) कला के बारे में कौन-सा तथ्य सही नहीं है?
(a) यह घर की देहरी, चौखट, आंगन और चबूतरे पर बनाए जाते हैं।
(b) इसमें त्रिकोण, चतुष्कोण और षट्कोण जैसी ज्यामितीय शैलियों का अद्भुत सम्मिश्रण होता है।
(c) मांडणा केवल शोक के अवसरों पर ही बनाए जाते हैं।
(d) तीर्थयात्रा कर सकुशल घर लौटने पर 'पुष्कर पेड़ी' तथा 'पथवारी' मांडणा बनाया जाता है।
उत्तर: (c) (Kyunki Mandana mangal-utsavo aur tyoharo par banaye jate hain).
Q33. कथन और कारण (Assertion-Reason)
कथन (A): 'फड़' (Phad) भीलवाड़ा के शाहपुरा कस्बे की प्रमुख लोककला है।
कारण (R): शाहपुरा के 'जोशी चितरों' द्वारा कपड़े (रेजी) पर लोक देवताओं के जीवन प्रसंगों का चित्रण किया जाता है।
(a) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
(b) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(c) A सही है लेकिन R गलत है।
(d) A गलत है लेकिन R सही है।
उत्तर: (a)
Q34. फड़ (Phad) चित्रण की तकनीकी विशेषताओं पर विचार कीजिए:
* इसमें मुख्य आकृति (नायक) को सबसे बड़ा बनाया जाता है, अन्य आकृतियाँ अनुपात में छोटी होती हैं।
* रंगों में सिन्दूरी और लाल रंग 'शौर्य एवं वीरता' के प्रतीक होते हैं।
* देवियाँ नीले रंग में, देव लाल रंग में और राक्षस काले रंग में चित्रित किए जाते हैं।
(a) केवल 1
(b) 1 और 2
(c) 1, 2 और 3 सभी
(d) केवल 3
उत्तर: (c)
Q35. 'पाने' (Pane) के संदर्भ में कौन-सा मिलan सही है?
(a) पाने - कागज पर बने देवी-देवताओं के चित्र
(b) सर्वाधिक कलात्मक पाना - श्रीनाथजी का पाना (24 श्रृंगार)
(c) प्रचलित पाने - गणेशजी, लक्ष्मीजी, रामदेवजी, गोगाजी आदि
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर: (d)
Q36. कालक्रमानुसार (Chronology) 'सांझी' के प्रतीकों को व्यवस्थित करें (पहले दिन से अंतिम दिन की ओर):
(i) हाथी सवार, चौपड़ और स्वास्तिक (पाँचवें से सातवें दिन)
(ii) सूर्य, चन्द्रमा, तारे और पाँच फूल (पहले से दूसरे दिन)
(iii) संझाकोट (अंतिम दिन)
(iv) घेवर, ढोलक और दस खजूर का पेड़ (आठवें से दसवें दिन)
कूट:
(a) ii - i - iv - iii
(b) i - ii - iii - iv
(c) iii - ii - i - iv
(d) iv - iii - ii - i
उत्तर: (a)
Q37. फड़ बांचने वाले भोपे किस वाद्य यंत्र का प्रयोग करते हैं?
(a) रावण हत्था या जन्तर
(b) नफीरी
(c) अलगोजा
(d) पुंगी
उत्तर: (a)
Q38. फड़ चित्रण में अंतिम रेखाएं (खुलाई) किस रंग से की जाती हैं?
(a) लाल
(b) पीले
(c) काले
(d) नीले
उत्तर: (c)
Q39. 'नफीरी वादन' का चित्र किस शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है?
(a) मेवाड़ शैली
(b) अलवर शैली
(c) कोटा शैली
(d) बीकानेर शैली
उत्तर: (b)
Q40. 'सांझी' लोककला के दौरान दीवारों पर क्या लगाया जाता है?
(a) केवल पेंट
(b) चूना और गोबर
(c) मिट्टी
(d) तेल चित्र
उत्तर: (b)